Educational Poem
प्राथमिक शिक्षा में,शिक्षा को प्राथमिक बनाना चाहता हूं,, बस इसलिये मैं प्राथमिक शिक्षक बनना चाहता हूं ..... मां बाप बोलना सीखाता है,और शिक्षक चुप रहना,, इस नियम को तोड़ना चाहता हूं,, बस इसलिये मैं प्राथमिक शिक्षक बनना चाहता हूं ..... सैद्धांतिक ज्ञान से अब ऊब चुका है बच्चा,, शिक्षा को व्यवहार में लाना चाहता हूं,, बस इसलिए मैं प्राथमिक शिक्षक बनना चाहता हूं ..... बच्चा,यानी जो बचा हुआ है अब तक बुराइयों से,, बच्चे को बच्चा ही रखना चाहता हूं,, बस इसलिए मैं प्राथमिक शिक्षक बनना चाहता हूं ..... अभी आता ही क्या है भला मुझको,, बच्चा बनकर,बच्चों से कुछ सीखना चाहता हूं,, बस इसलिए मैं प्राथमिक शिक्षक बनना चाहता हूं ..... # two lines shayari, sad shayari, love shayari, romantic shayari, heart touching shayari
Ek alag duniya banayi kalam-e-aujar se tune E-Ratnam....agar khud ko kahin dhund pata hu to bus yahi.
ReplyDelete